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राम राम जी 🙏🏻🙏🏻• *🌹श्री भक्ति प्रकाश*🌹 By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब *🌹साधन प्रकाश*🌹 🌹 *कर्म योग*🌹 *पृष्ठ संख्या-234-235* क्रमश से आगे सारे पाप ज्ञान से भागे,आत्म-देव तभी ही जागें। ज्ञान समान न पावन जाने,अन्य साधन कहें सुजन सियाने।।55।।श्रद्धालु शुभ ज्ञान को पाता,प्रभु भक्त मन को वश लाता।शीघ्र ज्ञान से शांति आवे,अन्त परम सुधाम में जावे।।56।।श्रद्धा विहीन मलिन अज्ञानी, संशय शील हो पाय हानी।दोनों लोक वही जन खोवे,पापों में निज रूप डबोवे।।57।।जो जन कर्म भक्ति शुभ धारे,पाप नाश कर संशय मारे।आत्मवान को कर्म न लागे, बुरी वासना उस से भागे।।58।।कर्म संन्यास सुकर्म विचारो,कर्म योग उत्तम मन धारो।कर्म योग संन्यास से ऊँचा, सन्त कहें यह सार समूचा।।59।।द्वेष कामना का जो त्यागी, संन्यासी है वह वैरागी।कर्म रहित संन्यास बहाना, मत पन्थों का ताना बाना।।60।।*कर्म योग में धर्म समाया,**भक्ति में सब सार है आया।**भक्त है कर्मी त्यागी ज्ञानी।**भक्तिमय ऊँचीगति मानी।।61।।*🌹🌹🌹🌹
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