सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं
वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्त्तव्य मार्ग पर डट जावें। By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब,पर-सेवा पर-उपकार में हम, जग(निज) -जीवन सफल बना जावें॥ ॥वह शक्ति हमें दो दयानिधे...॥ हम दीन-दुखी निबलों-विकलों के सेवक बन संताप हरें। जो हैं अटके, भूले-भटके, उनको तारें खुद तर जावें॥ ॥वह शक्ति हमें दो दयानिधे...॥छल, दंभ-द्वेष, पाखंड-झूठ, अन्याय से निशिदिन दूर रहें। जीवन हो शुद्ध सरल अपना, शुचि प्रेम-सुधा रस बरसावें॥॥वह शक्ति हमें दो दयानिधे...॥निज आन-बान, मर्यादा का प्रभु ध्यान रहे अभिमान रहे।जिस देश-जाति में जन्म लिया, बलिदान उसी पर हो जावें॥॥वह शक्ति हमें दो दयानिधे...॥,
इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट
टिप्पणियाँ