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आप के दर पे जो आ गेया, By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब,सब मुरादे वो ही पा गया, आप के दर पे जो आ गेया सारी रचना को तू ही रचे, इस लिए तेरे दर आ गया, आप के दर पे जो आ गेया मेरी नजरो में तेरा ही खुमार, आज सजदा अदा हो गया, आप के दर पे जो आ गेया, मांगे के जरूरत नहीं, देता है उसको जो भा गया, आप के दर पे जो आ गेया सारी दुनिया उसे मिल गई, तेरे चरणों में जो आ गया, आप के दर पे जो आ गेया.,
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