सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं
मेरे गुरु जी दे दरबार सदा खुशीआं ही खुशीआं, By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब, सब लूट लो मौज बहारा सदा खुशीआं ही खुशीआं, यो भी शीश झुकानदे मेरे गुरु जी गल नल लौंदे, करदे उस ते उपकार सदा खुशिया ही खुशियां, सब लूट लो मौज बहारा सदा खुशीआं ही खुशीआं, सब नाल गुरु जी प्यार करदे, संगत दे दुःख सारे हर दे, करदे सब दा उधार, सदा खुशिया ही खुशियां, सब लूट लो मौज बहारा सदा खुशीआं ही खुशीआं, डुगरी दे आज भाग जगाये, मेरे गुरु जी तारण आये, आज हो रही जय जय कार, सदा खुशिया ही खुशियां, सब लूट लो मौज बहारा सदा खुशीआं ही खुशीआं.
इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट
टिप्पणियाँ