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गुरु जी घर मेरे भी आना, By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब, अपनी संगत को मेरे गुरु जी साथ में अपने लाना, मैंने सुना है दयालु तुम हो सब पर किरपा करते हो, मेरी कुटियाँ में भी गुरु जी नाम का दीप जगाना, गुरु जी गुर जी घर मेरे भी आना, मैं गरीब की विनती गुरु जी दर पर करना कबुल, सुख समृद्धि आये वहा यहाँ बरसे गुरु जी का नूर, गुरु जी गुर जी घर मेरे भी आना, भोग लगाओ संगत को पिलायो चाये प्रशाद भी तेरा, कीन्हे मिलती किरपा गुरु की मिटे जन्म जन्म का फेरा, गुरु जी गुर जी घर मेरे भी आना.,
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