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ऐसी दया करो महाराज नाम न विसरे नाम न विसरे, By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब, नाम न विसरे नाम न विसरे, विकुद होर जे मंगना सिर दुखा के दुःख, दे नाम संतोखियाँ उतरे मन की भूख, नाम न विसरे नाम न विसरे...विसरे ना ही दातार अपना नाम देहो, अपना नाम देहो गुरु जी, गुण गावा दिन रात नानक चाहो एहो, नाम न विसरे नाम न विसरे.,
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