सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं
तड़प तुमसे मिलने की गुरु जी और बढ़ जाये, By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब,तुम्हे देखु गुरु जी बस मेरा जीवन सवार जाये, तुम्ही तुम हो मेरे जीवन में दूसरा न कोई है, तुम्हरे बिन मेरे गुरुवार ये ज़िंदगी अधूरी है, के आ जाओ मेरे जीवन में करदो आशाये पूरी, तड़प तुमसे मिलने की ............आ कष्टों से भरा जीवन दिखे आशा की इक ज्योति, बड़े मंदिर में आ कर के मिले सुखो के सब मोती, दर्श तेरा मैं पा जाऊ तेरा ही प्यार मिल जाये, तड़प तुमसे मिलने की.........जिहने तुम मिल गए गुरु जी उन्हें न परवाह न दुनिया की, भरी थी काँटों से रहे बिषा दिए तुमने मोती, करे शुकराना हर पल में हम तुझमे ही समै जाए, तड़प तुमसे मिलने की ....
टिप्पणियाँ