सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं
चिठिया प्रेम दिया लिख गुरु जी वल पाइयाँ चिठिया प्रेम दिया, By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब, दर्शन नु दिल तरस रहा है नीर चमा चम् बरस रहा है, प्रेम घटा चढ़ आइए चिठिया प्रेम दियां, लिख गुरु जी वल पाइयाँ चिठिया प्रेम दिया, दर्श तेरे दिया तांगा मैनु दिन रात ते उडीका तनु, मुड़ मुड़ लिखदी अियाँ चिठियाँ प्रेम दियां, लिख गुरु जी वल पाइयाँ चिठिया प्रेम दिया, बक्श ले तू अवगुण मेरे मैं भी आन डिगी दर तेरे, अरजा आके सुनैया चिठियाँ प्रेम दियां, लिख गुरु जी वल पाइयाँ चिठिया प्रेम दिया.
टिप्पणियाँ