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मेरी बांह पकड लो एक बार , प्रभु एक बार बस एक बार । By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब मेरी बांह पकड लो एक बार, गुरुजी एक बार बस एक बार ।मोक्ष अधवा मुक्ति क्या है ?मोक्ष अधवा मुक्ति किसी जगह या किसी स्थान का नाम नहीं है । मुक्ति अथवा मोक्ष आपके अन्दर में एक स्थिति का नाम है , जहां आप अपने आपको मुक्त पाते हो । जहां आप अपने अन्दर मोह , ममता ढूढने पर भी नहीं पाते हैं । मुक्ति नाम की कोई चीज ही नहीं है , मोह का क्षय हो जाना ही मुक्ति है ।मेरी बांह पकड लो एक बार गुरुजी एक बार बस एक बार ।ये जग अति गहरा सागर है , सिर धरी पाप की गागर है। कुछ हलका करदो भार , गुरुजी एक बार बस एक बार।सौ बार नहीं बस एक बार , बस एक बार प्रभु एक बार ।,
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