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सुख पाया सुख पाया, By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब, रेहम तेरी सुख पाया, सदा नानक की अरदास, सुख पाया सुख पाया, मेहरबान साहिब मेहरबान, साहिब मेरा मेहरबान, जी सगल को दे हे दान, साहिब मेरा मैं निर्वाण, सुख पाया सुख पाया, तू काहे डोले प्राणिया, सूद राखे गा सिरजन हार, जीने पैदाइश तू किया सोइ करदा सार, सुख पाया सुख पाया, जीने उपाई मेदीन सोइ करदा सार, घट घट मिला दिला का सच्चा परवत गार, सुख पाया सुख पाया, कुदरीत की ना जानिये, बड़ा भेप्रवाहा, कर बंदे तू बंदगी जे चर घट में साहवा, सुख पाया सुख पाया, तू समरथ अगथ अगोचे, जियु पिंड तेरी रास, रेहम तेरी सुख पाया सदा, नानक ही अरदास, सुख पाया सुख पाया.,
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