सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं
गुरुजी तुम्हारे प्यार ने जीना सिखा दिया, By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब,हम को तुम्हरे प्यार ने इंसा बना दिया, गुरुजी तुम्हारे प्यार ने जीना सिखा दिया, भुला हुआ था रास्ता भटका हुआ था मैं, किस्मत ने मुझको आप के नजदीक ला दियाँ, हम को तुम्हरे प्यार ने इंसा बना दिया, गुरुजी तुम्हारे प्यार ने जीना सिखा दिया, जिस दिन से मुझको आप ने अपना बना लिया, दोनों जहां को दास ने कब से भुला दियाँ, हम को तुम्हरे प्यार ने इंसा बना दिया, गुरुजी तुम्हारे प्यार ने जीना सिखा दिया, जिसने किसी को आज तक सजदा नहीं किया, वो सिर भी मैंने आप के दर पर झुका दिया, हम को तुम्हरे प्यार ने इंसा बना दिया, गुरुजी तुम्हारे प्यार ने जीना सिखा दिया, रहते है जलवे आप के नजरो में हर घडी, मस्ती का याम आपने ऐसा पिला दिया, हम को तुम्हरे प्यार ने इंसा बना दिया, गुरुजी तुम्हारे प्यार ने जीना सिखा दिया.
इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट
टिप्पणियाँ